जिन्दगी की उलझनों ने; कम कर दी हमारी शरारते; और लोग समझते हैं कि; हम समझदार हो गये
आँखों ने हाल कह दिया होंट न फिर हिला सके
दिल में हज़ार ज़ख़्म थे जो न उन्हें दिखा सके 🍂🥀🍂 चलते हैं वो भी हमसे तेवर बदल बदल के,
जिसको सिखाया हमने चलना संभल संभल के 🍂🥀🍂 तेरे आने की क्या उमीद मगर,
कैसे कह दूँ कि इंतिज़ार नहीं...
🥀🍂🥀
[8:11 AM, 8/24/2023] Bansi Lal: डर हमको भी लगता है रस्ते के सन्नाटे से लेकिन एक सफ़र पर ऐ दिल अब जाना तो होगा [8:22 AM, 8/24/2023] Bansi La...
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