Saturday, 15 August 2020

अपनी हालत का ख़ुद एहसास नहीं है मुझ को

[8/6, 8:33 PM] Bansi Lal: True relationship are like mornings, u cant have them the whole day, but u can be sure, they will be there when u wakeup tomorrow, next year and forever.
[8/6, 8:46 PM] Bansi Lal: अपनी हालत का ख़ुद एहसास नहीं है मुझ को 

मैं ने औरों से सुना है  कि परेशान  हूँ  मैं .
[8/6, 8:47 PM] Bansi Lal: Life doesn't always give you the people you want, and sometimes it takes away the people you need the most.
[8/6, 8:52 PM] Bansi Lal: तुम जरूरी थे 

जरूरत नही..!
[8/6, 8:56 PM] Bansi Lal: अगर रिश्तो में खामोशी आ जायें 

तो उस रिश्ते का कोई वजूद नहीं रहता ...!!
[8/6, 8:57 PM] Bansi Lal: मैं डूब के उभरा तो बस इतना ही देखा है,

औरों की तरह तू भी किनारे पे खड़ा था..

जिंदगी ने दिए थे अँधेरे तो क्या,

[8/1, 9:14 AM] Bansi Lal: "जिंदगी ने दिए थे अँधेरे तो क्या, 
तुम थे चाहते उजाले तो रुकते ज़रा, हम तो खुद जल जाते रौशनी के लिए"
[8/4, 7:49 AM] Bansi Lal: उस जगह मत जाओ...
जहां लोग तुम्हे बर्दाश्त करते हैं...

उस जगह जाओ..
जहां लोग तुम्हारा इंतजार करते हैं..
[8/4, 7:56 AM] Bansi Lal: मैं बोलता गया हूँ वो सुनता रहा ख़ामोश,

ऐसे भी मेरी हार हुई है कभी कभी...
[8/4, 7:59 AM] Bansi Lal: मैं बोलता गया हूँ वो सुनता रहा ख़ामोश,

ऐसे भी मेरी हार हुई है कभी कभी...
[8/4, 8:01 AM] Bansi Lal: शिकायतों मे जीने से बेहतर है 
.
.
माथा चूमकर महबूब को अलविदा कह दिजिए
[8/4, 8:05 AM] Bansi Lal: 99% of your biggest worries will never happen
[8/4, 10:19 AM] Bansi Lal: जरा जो पैर फिसला इल्जाम लगाया उसी चप्पल पर सबने,

महीनों तपती जमीन और कांटों से बचाया जिसने।

रिश्तों को जेबों में नहीं,दिलों में रखिए हुज़ूर

[7/31, 6:39 AM] Bansi Lal: रिश्तों को जेबों में नहीं,दिलों में रखिए हुज़ूर

वक़्त से शातिर कोई जेबक़तरा नहीं होता
[7/31, 6:39 AM] Bansi Lal: जिस धागे की गाँठे खुल सकतीं हैं 

उस धागे पर कैंची नहीं चलानी चाहिए ..
[7/31, 6:40 AM] Bansi Lal: रिश्तों की दलदल से कैसे निकलेंगे,

हर साज़िश के पीछे अपने निकलेंगे
[7/31, 6:44 AM] Bansi Lal: ज़िन्दगी में यही देखना ज़रूरी नहीं है,
कि कौन हमारे आगे हैया कौन हमारे पीछे

कभी यह भी देख लिया करो....
हम किसके साथ हैं, और कौन हमारे साथ है..!!
[7/31, 7:55 AM] Bansi Lal: " Our own existence is a sailing of life's incessant queries; hence this enables us to unfold the true character of our own being. This keeps each one's ship to sail with prudence and faith amidst all the whipping storms of life."

: What passes for optimism is most often the effect of an intellectual error.

[7/13, 7:15 AM] Bansi Lal: What passes for optimism is most often the effect of an intellectual error.
[7/13, 7:15 AM] Bansi Lal: “Life Become Useless And Insipid When We No Longer Have Either Friends Or Enemies”
[7/28, 11:08 AM] Bansi Lal: “Worry is spiritual near-sightedness, a fumbling way of looking at little things and magnifying their value.”
[7/29, 10:04 AM] Bansi Lal: The best way to appreciate someone is to imagine your life without them.
[7/29, 10:08 AM] Bansi Lal: थोड़ा डूबूँगा, मगर मैं 
फिर तैर आऊँगा... 

ऐ ज़िंदगी, तू देख, 
मै फिर जीत जाऊँगा...
[7/30, 7:51 AM] Bansi Lal: सत्य केवल उनके लिए कड़वा होता है, 

जो लोग झूठ में रहने के आदी हो चुके हो..!!

             🙏 सुप्रभात 🙏
[7/30, 9:21 PM] Bansi Lal: ज़ेहन अपना फ़र्ज़ निभाता है, काम अपना ज़बान करती है

मगर एक नज़र ही है, जो हमेशा हक़ीक़त बयान करती है
[7/30, 9:32 PM] Bansi Lal: अपना लड़ना भी मोहब्बत है, तुम्हें इल्म नहीं है----

चीख़ते तुम रहे और गला मेरा ही बैठ गया..!!
[7/30, 9:37 PM] Bansi Lal: जब तलक दूर है तू तेरी परस्तिश कर लें, 

हम जिसे छू न सकें उसको खुदा कहते हैं . 

(परस्तिश- इवादत, पूजा)
[7/30, 9:57 PM] Bansi Lal: दीपक का जीवन वंदनीय है, वह दूसरो के लिए 'जलता' है,

दूसरों से नहीं...

तुम ने किया न याद कभी भूल कर हमें

[7/5, 11:46 AM] Bansi Lal: तुम ने किया न याद कभी भूल कर हमें 

हम ने तुम्हारी याद में सब कुछ भुला दिया
[7/5, 1:10 PM] Bansi Lal: यही हासिल है हमारा उम्र भर के लिए
उसने रखा था हमें याद उम्र भर के लिए

ये क्या कम है के जीए हम ज़िंदा रहकर
कितने क़ातिल थे तैयार एक सर के लिए

कौन रखता है दिल में हमने देख लिया
कहीं से रास्ता तो निकले अपने घर के लिए
[7/6, 7:57 AM] Bansi Lal: ये बिछड़ना नहीं उजड़ना था।

जिस तरह से जुदा हुए हम तुम।
[7/6, 10:09 AM] Bansi Lal: “Worry is spiritual near-sightedness, a fumbling way of looking at little things and magnifying their value.”
[7/6, 11:32 AM] Bansi Lal: ज़रूरी नहीं कि मेरी कहानी का कोई ज़िक्र रखो,

कहीं भी रखो, तुम मेरे किरदार को ज़िंदा रखो.....!
[7/6, 11:33 AM] Bansi Lal: इश्क़ कर के देख ली जो बेबसी देखी न थी 
इस क़दर उलझन में पहले ज़िंदगी देखी न थी 

ये तमाशा भी अजब है उन के उठ जाने के बाद 
मैं ने दिन में इस से पहले तीरगी देखी न थी 

आप क्या आए कि रुख़्सत सब अंधेरे हो गए 
इस क़दर घर में कभी भी रौशनी देखी न थी

रात को रात कह दिया मैं ने

[7/4, 8:51 AM] Bansi Lal: रात को रात कह दिया मैं ने

सुनते ही बौखला गई दुनिया
[7/4, 8:53 AM] Bansi Lal: तिनका हूँ तो क्या हुआ .. वजूद है मेरा
.
.
उड़ उड़ कर हवा का रुख तो बताता हूँ
[7/4, 8:54 AM] Bansi Lal: गजल तेरे हुस्न पे लिख तो दूँ मैं,

पर कोई दूसरा दोहराए तो मेरी जान जाती है !!
[7/4, 8:56 AM] Bansi Lal: मुख़्तसर सी ज़िन्दगी के अजीब से अफ़साने हैं!

यहाँ तीर भी चलाने हैं और परिंदे भी बचाने हैं!!
[7/4, 8:57 AM] Bansi Lal: "ज़माना बड़े शौक़ से सुन रहा था

हमीं सो गए दास्ताँ कहते कहते
[7/4, 8:58 AM] Bansi Lal: The secret of your future is hidden in your daily routine.
[7/4, 8:59 AM] Bansi Lal: ये बिछड़ना नहीं उजड़ना था।

जिस तरह से जुदा हुए हम तुम।
[7/4, 6:01 PM] Bansi Lal: रुतबा तो "खामोशियों" का होता है, 

"अल्फाज" का क्या! वो तो मुकर जाते हैं, "हालात" देखकर!

ज़िन्दग़ी के अंजुमन का बस यही दस्तूर है,

[7/2, 8:26 AM] Bansi Lal: ज़िन्दग़ी के अंजुमन का बस यही दस्तूर है,

बढ़ के मिलिये और मिल कर दूर होते जाइये..!!
[7/2, 8:29 AM] Bansi Lal: तेरी आह, किस से ख़बर पाइए 

वही बेख़बर है जो आगाह है
[7/3, 7:03 AM] Bansi Lal: जिन्हें पता है कि अकेलापन क्या होता है..

वो लोग दूसरों के लिए हमेशा हाजिर रहते हैं..
[7/3, 7:45 AM] Bansi Lal: रफ़्तार कुछ जिंदगी की यू बनाये रखो यारों,

कि दुश्मन कोई आगे ना निकले और दोस्त कोई पीछे ना छुटे..
[7/3, 7:46 AM] Bansi Lal: इश्क़ की आख़री हदों में हूं साहब..!

राख़ हूं .....अब और नही जल सकती..!!
[7/3, 8:21 AM] Bansi Lal: नई सुब्ह पर नज़र है मगर आह ये भी डर है

ये सहर भी रफ़्ता रफ़्ता कहीं शाम तक न पहुँचे

डर हमको भी लगता है रस्ते के सन्नाटे से लेकिन एक सफ़र पर ऐ दिल अब जाना तो होगा

 [8:11 AM, 8/24/2023] Bansi Lal: डर हमको भी लगता है रस्ते के सन्नाटे से लेकिन एक सफ़र पर ऐ दिल अब जाना तो होगा [8:22 AM, 8/24/2023] Bansi La...