Saturday, 14 October 2017

Osho:

*ओशो*
Beautiful words by Osho.

जब मेरी मृत्यु होगी तो आप मेरे रिश्तेदारो से मिलने आएगे और मुझे पता भी नही चलेगा, तो अभी आ जाओ ना मुझ से मिलने।

जब मेरी मृत्यु होगी तो आप मेरे सारे गुनाह माफ कर देंगे जिसका मुझे पता भी नही चलेगा, तो आज ही माफ कर दो ना।

जब मेरी मृत्यु होगी तो आप मेरी कद्र करेंगे और मेरे बारे में अच्छी बातें कहेंगे, जिसे मैं नहीं सुन सकूँगा, तो अभी कहे दो ना।

जब मेरी मृत्यु होगी तो आपको लगेगा कि इस इंसान के साथ और वक़्त बिताया होता तो अच्छा होता, तो आज ही आओ ।

इसीलिए कहता हूं कि इंतजार मत करो इंतजार करने में कभी कभी बहुत देर हो जाती है.!
इस लिये मिलते रहो दोस्तो ।।🙏

Nobel winner says:

*नोबेल पुरस्कार विजेता स्पेनिश कवि पाब्लो नेरुदा की कविता "You Start Dying Slowly" का हिन्दी अनुवाद..*

1) *आप धीरे-धीरे मरने लगते हैं, अगर आप:*
- करते नहीं कोई यात्रा,
- पढ़ते नहीं कोई किताब,
- सुनते नहीं जीवन की ध्वनियाँ,
- करते नहीं किसी की तारीफ़।

2) *आप धीरे-धीरे मरने लगते हैं, जब आप:*
- मार डालते हैं अपना स्वाभिमान,
- नहीं करने देते मदद अपनी और न ही करते हैं मदद दूसरों की।

3) *आप धीरे-धीरे मरने लगते हैं, अगर आप:*
- बन जाते हैं गुलाम अपनी आदतों के,
- चलते हैं रोज़ उन्हीं रोज़ वाले रास्तों पे,
- नहीं बदलते हैं अपना दैनिक नियम व्यवहार,
- नहीं पहनते हैं अलग-अलग रंग, या
- आप नहीं बात करते उनसे जो हैं अजनबी अनजान।

4) *आप धीरे-धीरे मरने लगते हैं, अगर आप:*
- नहीं महसूस करना चाहते आवेगों को, और उनसे जुड़ी अशांत भावनाओं को, वे जिनसे नम होती हों आपकी आँखें, और करती हों तेज़ आपकी धड़कनों को।

5) *आप धीरे-धीरे मरने लगते हैं, अगर आप:*
- नहीं बदल सकते हों अपनी ज़िन्दगी को, जब हों आप असंतुष्ट अपने काम और परिणाम से,
- अग़र आप अनिश्चित के लिए नहीं छोड़ सकते हों निश्चित को,
- अगर आप नहीं करते हों पीछा किसी स्वप्न का,
- अगर आप नहीं देते हों इजाज़त खुद को, अपने जीवन में कम से कम एक बार, किसी समझदार सलाह से दूर भाग जाने की..।
*तब आप धीरे-धीरे मरने  लगते हैं..!!*

*इसी कविता के लिए उन्हें नोबेल पुरस्कार प्राप्त हुआ। *

Kal ki khabar:

आगाह अपनी मौत से कोई बशर(आदमी) नहीं,

सामान सौ बरस के हैं कल की ख़बर नहीं

🎋🌺🎋
इतनी सारी यादों के होते भी जब दिल में
वीरानी होती है तो हैरानी होती है
🎋🌺🎋
"Quality is never an accident. It is always the result of intelligent effort." - John Ruskin
🎋🌺🎋
अच्छा है उन से कोई तक़ाज़ा किया न जाए ,

अपनी नज़र में आप को रुस्वा किया न जाए !!
🎋🌺🎋
बेहद छोटी सी लिस्ट बनाई है अपनी ख्वाहिशों की...

पहले पेज पर तुम्हें लिखा आखिर में भी तेरा जिक्र है.
🎋🌺🎋
चमक तो सकतें हैं हम भी.. गैरों की चमक चुराके ...

मगर उधार की रोशनी का चाँद बनना हमें मंजूर नहीं..
🌺🙏🏻🙏🏻🌺
जिस को ख़ुश रहने के सामान मयस्सर सब हों

उस को ख़ुश रहना भी आए ये ज़रूरी तो नहीं
🎋🌺🎋
गमो का बहाना होता है मगर दर्द का पैमाना नही होता

हंसी का बहाना होता है मगर खुशियो का पैमाना नही होता
🎋🎋🌺🎋🎋
उस ने मंज़िल पे ला के छोड़ दिया

उम्र भर जिस का रास्ता देखा
🎋🌺🎋

New beginning:

कितनी शक्लों में मिले मुझको सताने वाले,

ख़ूब घुल मिल के मिले मुझको मिटाने वाले

🌺🌷🌺
आज बड़ी देर तक वो मुझे देखता रहा ,

ना जाने क्यूँ लगा कि वो मुझे छोड़ जाएगा
🌾🌺
गुज़र गई है मगर रोज़ याद आती है

वो एक शाम जिसे भूलने की हसरत है
🌾🌺🌾
किस सोच में हैं आइने को आप देख कर

मेरी तरफ़ तो देखिए सरकार क्या हुआ
🍂🌺🌺🍂
गाहे गाहे की मुलाक़ात ही अच्छी है

क़द्र खो देता है हर रोज़ का आना जाना
🍂🌷🍂
पत्थर मुझे कहता है मेरा चाहने वाला,

मैं मोम हूँ उसने मुझे छूकर नहीं देखा

🌾🌹🌾
इतनी चाहत से न देखा कीजिए महफ़िल में आप

शहर वालों से हमारी दुश्मनी बढ़ जाएगी
🍂🌸🍂
किया करते थे बातें ज़िंदगी-भर साथ देने की

मगर ये हौसला हम में जुदा होने से पहले था
🎋🌹🎋
रहे न कुछ मलाल बड़ी शिद्दत से कीजिये...

नफरत भी कीजिये तो ज़रा मोहब्बत से कीजिये..!
🎋🌹🎋
कितने मसरूफ हैं हम जिंदगी के कशमकश में,

इबादत भी जल्दी में करते हैं, फिर से गुनाह करने के लिए

Sunday, 17 September 2017

सोच को ऊंची रक्जें:

"याद रखें कि सबसे खुश वे नहीं जिन्हें अधिक मिल रहा हो,

बल्कि वे हैं जो ज्यादा दे रहे हैं।"
🌹🌺🌹
"सोच को ऊंची रखें, और असफलता के लिए भी तैयार रहें।"
🌺🌹🌺
जब किसी मासूम बच्चे को देखकर वात्सल्य की जगह वासना उमड़ने लगे तो मान लीजिये कि हमारे समाज का नैतिक, वैचारिक और मानसिक पतन हो चुका है।
"सीमाएं केवल हमारे दिमाग में हैं। लेकिन अगर हम अपनी कल्पनाओं का उपयोग करें, तो हमारी संभावनाएं असीमित हो जाती हैं।"
तू कहानी ही के पर्दे में भली लगती है

ज़िंदगी तेरी हक़ीक़त नहीं देखी जाती
🌹🌺🌹
"जिस व्यक्ति ने कभी कोई गलती नहीं की, उस व्यक्ति ने कभी कुछ नया करने की कोशिश नहीं की।"
🌹🌺🌹

मिज़ाज़ औऱ हक़ीक़त:

मिजाज़ और हक़ीक़त कुछ और है यानी

तेरी निगाह से तेरा बयाँ नहीं मिलता
🌹🌺🌹
हसरत से उस कूचे को क्यों कर न देखिये,

अपना भी इस चमन में कभी आशियाना था।
🌹🌺
ओस के मोतियों से ये पूछो

आबरू-ए-हयात  कितनी है
🌹🌺🌹
''ये सांझ ……
परिंदे फूल पत्तियां
चाँद तारों को देखना
भी खुदा की नेमत है!!

🌹🌺🌹
''जब भी आंखे उदास होती है,
बारिशे … रास नहीं आती …!!

🌺🌹🌺
वो ''पानी'' पर इश्क़ लिख कर भूल गया,,
हम आज भी आंखों में समंदर भर कर बैठे हैं!

🌺🌹🌺

Sunday, 10 September 2017

चूहा अगर पत्थर:

चूहा अगर पत्थर का हो तो सब उसे पूजते हैं
मगर जिन्दा हो तो मारे बिना   चैन  नहीं लेते हैं..
साँप अगर पत्थर का हो तो सब उसे पूजते हैं
मगर जिन्दा हो तो उसी वक़्त मार देते हैं..
माता  अगर पत्थर की हो तो सब पूजते हैं, माँ कहते हैं
मगर जिन्दा है तो कीमत नहीं समझते। 
बस यही समझ नहीं आता कि
ज़िन्दगी से इतनी नफरत क्यों और
पत्थरों से इतनी मोहब्बत क्यों.. 🙏
*जिस तरह लोग मुर्दे इंसान को कंधा देना पुण्य समझते हैं*

*काश इस तरह ज़िन्दा इंसान को सहारा देंना पुण्य समझने लगे तो ज़िन्दगी आसान हो जायेगी*

                *🙏*

डर हमको भी लगता है रस्ते के सन्नाटे से लेकिन एक सफ़र पर ऐ दिल अब जाना तो होगा

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