Sunday, 10 September 2017

University Professor:

A University professor  wrote an expressive message to his students at the doctorate, masters and bachelors levels and placed it at the entrance in a university in South Africa.
And this is the message;

*"Collapsing any nation does not require use of atomic bombs or the use of long range missiles. It only requires lowering the quality of education and allowing cheating in the examinations by the students".*

The patient dies in the hands of such doctors

And the buildings collapse in the hands of such engineers

And the money is lost in the hands of such accountants

And humanity dies in the hands of such religious scholars

And justice is lost in the hands of such judges...

*"The collapse of education is the collapse of the nation"*

यतीमखाना:

"बेटा अपने बूढ़े बाप को यतीमख़ाने छोड़कर वापस जा रहा था तो  उसकी बीवी ने फ़ोन किया और कहा "अपने बाप को ये भी कह दो कि त्यौहार पर भी घर आने की ज़रूरत नहीं, अब वहीं रहें और हमें सुकून से जीने दें",
बेटा वापस मुड़ा और यतीमख़ाने गया तो देखा कि उसका बाप यतीमख़ाने के मैनेजर के साथ ख़ुश गप्पों में व्यस्त है और वो यूं बैठे थे जैसे बरसों से एक दूसरे को जानते हों।
बेटे ने पूछा "सर, आप मेरे पिता को किस त़रह़ और कब से जानते हैं?
उसने मुस्कराते हुए जवाब दिया, "जब ये यतीमख़ाने से एक बच्चे को गोद लेने आए थे"👌👌👌

Tuesday, 29 August 2017

खड़ी दीवार:

खड़ी दीवार में इक दर बना के देखते है

सिलसिला थोड़ा सा बेहतर बना के देखते है
🌺🌹🌺
किरदार में मेरे भले ही,अदाकारियां नहीं हैं...

ख़ुद्दारी है,गुरूर है पर,मक्कारियां नहीं हैं...
🌷🌹🌷
मुखौटे बचपन में देखे थे मेले में टंगे हुये,

समझ बढ़ी तो देखा लोगों पे चढ़े हुये

🌹🌷🌹
*यूँ असर डाला है-*
*मतलबी लोगों ने दुनिया पर ...*

*सलाम भी करो तो-*
*लोग समझते हैं कि*
*जरूर कोई काम होगा!!*
🌹🌷🌹
वक़्त का क़ाफ़िला आता है गुज़र जाता है

आदमी अपनी ही मंज़िल में ठहर जाता है
🌷🌹🌷
"जान में जान आ गई यारों ...,
वो किसी और से ख़फ़ा निकला"

🌷🌹🌷
तुझे भूलने की ख़ातिर भी है एक उम्र लाज़िम

कटी एक उम्र मेरी तुझे याद करते करते
🌷🌹🌷

खुशियां बटोरते:

"खुशीयां बटोरते बटोरते उमर गुजर गई ,पर खुश ना हो सके,_

एक दिन एहसास हुआ ,खुश तो वो लोग थे जो खुशीयां बांट रहे थे.।
🌷🌹🌷
ज्यादा बोझ लेकर चलनें वाला अक्सर डुब ज़ाता है,

चाहे वो "सामान" का हो या "अभीमान" का हो !!
🌷🌹🌷
यहाँ ज़िंदगी के एक लम्हें का पता नहीं ग़ालिब

जाने क्यों खार सबसे अरबों की खाए बैठे हैं
🌷🌷🌷
अब के बारिश में तो ये कार-ए-ज़ियाँ होना ही था

अपनी कच्ची बस्तियों को बे-निशाँ होना ही था
🌹🌷🌹

Saturday, 19 August 2017

जीवन का मूल्य:

छोटा सा जीवन है, लगभग 80 वर्ष।

उसमें से आधा =40 वर्ष तो रात को

बीत जाता है। उसका आधा=20 वर्ष

बचपन और बुढ़ापे मे बीत जाता है।

बचा 20 वर्ष। उसमें भी कभी योग,

कभी वियोग, कभी पढ़ाई,कभी परीक्षा,

नौकरी, व्यापार और अनेक चिन्ताएँ

व्यक्ति को घेरे रखती हैँ।अब बचा ही

कितना ? 8/10 वर्ष। उसमें भी हम

शान्ति से नहीं जी सकते ? यदि हम

थोड़ी सी सम्पत्ति के लिए झगड़ा करें,

और फिर भी सारी सम्पत्ति यहीं छोड़ जाएँ,

तो इतना मूल्यवान मनुष्य जीवन

प्राप्त करने का क्या लाभ हुआ?

स्वयं विचार कीजिये :- इतना कुछ होते हुए भी,

1- शब्दकोश में असंख्य शब्द होते हुए भी...

👍मौन होना सब से बेहतर है।

2- दुनिया में हजारों रंग होते हुए भी...

👍सफेद रंग सब से बेहतर है।

3- खाने के लिए दुनिया भर की चीजें होते हुए भी...

👍उपवास शरीर के लिए सबसे बेहतर है।

4- देखने के लिए इतना कुछ होते हुए भी...

👍बंद आँखों से भीतर देखना सबसे बेहतर है।

5- सलाह देने वाले लोगों के होते हुए भी...

👍अपनी आत्मा की आवाज सुनना सबसे बेहतर है।

6- जीवन में हजारों प्रलोभन होते हुए भी...

👍सिद्धांतों पर जीना सबसे बेहतर है।

इंसान के अंदर जो समा जायें वो

             " स्वाभिमान "
                    और
जो इंसान के बाहर छलक जायें वो

             " अभिमान "
ये मैसेज पूरा पढ़े, और
   अच्छा लगे तो सबको भेजें 🙏

🔹जब भी बड़ो के साथ बैठो तो   

      परमेश्वर का धन्यवाद करो ,

     क्योंकि कुछ लोग
      इन लम्हों को तरसते हैं ।

🔹जब भी अपने काम पर जाओ
      तो परमेश्वर का धन्यवाद करो

     क्योंकि
     बहुत से लोग बेरोजगार हैं ।

🔹 परमेश्वर का धन्यवाद कहो

     जब तुम तन्दुरुस्त हो ,

     क्योंकि बीमार किसी भी कीमत पर सेहत खरीदने की ख्वाहिश रखते हैं ।

🔹 परमेश्वर का धन्यवाद कहो

      की तुम जिन्दा हो ,
      क्योंकि मरते हुए लोगों से पूछो

      जिंदगी की कीमत क्या है।

दोस्तों की ख़ुशी के लिए तो कई मैसेज भेजते हैं । देखते हैं परमेश्वर के धन्यवाद का ये मैसेज कितने लोग शेयर करते हैं !

टूटना मत:

एक ट्रक में मारबल का सामान जा रहा था,
उसमे टाईल्स भी थी , और
भगवान की मूर्ती भी थी ...!!
.
रास्ते में टाईल्स ने मूर्ती से पूछा ..
"भाई ऊपर वाले ने हमारे साथ ऐसा भेद-भाव क्यों किया है?"
.
मूर्ती ने पूछा, "कैसा भेद भाव?"
.
टाईल्स ने कहा,
.
"तुम भी पथ्थर मै भी पथतर ..!!
तुम भी उसी खान से निकले ,
मै भी..
तुम्हे भी उसी ने ख़रीदा बेचा , मुझे भी..
.
तुम भी मन्दिर में जाओगे, मै भी ...
पर वहां तुम्हारी पूजा होगी ...
.
और मै पैरो तले रौंदा जाउंगा.. ऐसा क्यों?"
.
मूर्ती ने बड़ी शालीनता से जवाब दिया,
.
"तुम्हे जब तराशा गया,
तब तुमसे दर्द सहन नही हुवा;
.
और तुम टूट गये टुकड़ो में बंट गये ...
और मुझे जब तराशा गया तब मैने दर्द सहा,
.
मुझ पर लाखो हथोड़े बरसाये गये ,
मै रोया नही...!!
.
मेरी आँख बनी, कान बने, हाथ बना, पांव बने..
फिर भी मैं टूटा नही .... !!
.
इस तरहा मेरा रूप निखर गया ...
और मै पूजनीय हो गया ... !!
.
तुम भी दर्द सहते तो तुम भी पूजे जाते..
.
मगर तुम टूट गए ...
.
और टूटने वाले हमेशा पैरों तले रोंदे जाते है..!!"
.
  मोरल 
.
भगवान जब आपको तराश रहा हो तो,
टूट मत जाना ...
हिम्मत मत हारना ...!!
अपनी रफ़्तार से आगे बढते जाना,
मंजिल जरूर मिलेगी .... !!
.
सुन्दर पंक्तियाँ:
.
मुश्किलें केवल बहतरीन लोगों
के हिस्से में ही आती हैं...
.
क्यूंकि वो लोग 👤ही उसे बेहतरीन
तरीके से अंजाम देने की ताकत
रखते हैं..!!
.
"रख हौंसला वो मंज़र भी आयेगा;
प्यासे के पास चलकर समंदर भी
आयेगा..!
.
थक कर ना बैठ, ऐ मंजिल के मुसाफ़िर;
.
मंजिल भी मिलेगी और
जीने का मजा भी आयेगा...!!

Friday, 18 August 2017

Technology isn't life:

I had spent an hour in the bank with my dad, as he had to transfer some money. 
*I couldn't resist myself & asked...*

''Dad, why don't we activate your internet banking?''

*''Why would I do that?'' *

He asked...

''Well, then you wont have to spend an hour here for things like transfer. 

You can even do your shopping online. Everything will be so easy!'' 

I was so excited about initiating him into the world of Net banking.

He asked *''If I do that, I wont have to step out of the house?* 

''Yes, yes''! I said. I told him how even grocery can be delivered at door now and how amazon delivers everything!

His answer left me tongue-tied. 

He said *''Since I entered this bank today, I have met four of my friends, I have chatted a while with the staff who know me very well by now.*

*You know I m alone...*

*this is the company that I need. I like to get ready and come to the bank. I have enough time, it is the physical touch that I crave.*

*Two years back I got sick, The store owner  from whom I buy fruits, came to see me and sat by my bedside and cried.* 

*When u r Mom fell down few days back while on her morning walk. Our local grocer saw her and immediately got his car to rush her home as he knows where I live.* 

*Would I have that 'human' touch if everything became online?*

*Why would I want everything delivered to me and force me to interact with just my computer?* 

*I like to know the person that I'm dealing with and not just the 'seller' . It creates bonds. Relationships.* 

*Technology isn' t life ..* 

*Spend time with people .. *

*Not with devices.*👍

डर हमको भी लगता है रस्ते के सन्नाटे से लेकिन एक सफ़र पर ऐ दिल अब जाना तो होगा

 [8:11 AM, 8/24/2023] Bansi Lal: डर हमको भी लगता है रस्ते के सन्नाटे से लेकिन एक सफ़र पर ऐ दिल अब जाना तो होगा [8:22 AM, 8/24/2023] Bansi La...