Wednesday, 15 April 2020

जो लब्जो से बयां हो वो एहसास ही क्या ?

जो लब्जो से बयां हो वो एहसास ही क्या ?
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हम ख़ामोशी से ही सहते हैं
दर्द - ऐ - इश्क़... !! 

Sunday, 5 April 2020

जो लब्जो से बयां हो वो एहसास ही क्या ?

जो लब्जो से बयां हो वो एहसास ही क्या ?
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हम ख़ामोशी से ही सहते हैं
दर्द - ऐ - इश्क़... !! 

Saturday, 4 April 2020

आज अगर बच पाए ‘दिल’बरम’ कल के नज़ारे देखेंगे,
वक़्त भला हो चाहे बुरा ये वक़्त गुज़र ही जाएगा !! #दिलबरम

हवा के वार पे अब वार करने वाला है...

हवा के वार पे अब वार करने वाला है...
चिराग़ बुझने से इनकार करने वाला है..

    

मुहब्बत की रूहानियत ताउम्र रहती है..

मुहब्बत की रूहानियत ताउम्र रहती है..
तुम्हे लिखना तुम्हे पढ़ना.... हक़ है मेरा ...!

🌼🍃💛
सूराख उनकी दिवारों में भी हैं, 
जो दूसरों के छरोखे से झांकते हैं,

अक्सर जरूरत में पीछे मिलेंगे,
जो भीड़ में खड़े बड़ी-बड़ी हाँकते हैं।

Monday, 30 March 2020

सुनाता रहा जिसे मैं दर्द अपना
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वो कमबख्त दुश्मन का ही दोस्त निकला

डर हमको भी लगता है रस्ते के सन्नाटे से लेकिन एक सफ़र पर ऐ दिल अब जाना तो होगा

 [8:11 AM, 8/24/2023] Bansi Lal: डर हमको भी लगता है रस्ते के सन्नाटे से लेकिन एक सफ़र पर ऐ दिल अब जाना तो होगा [8:22 AM, 8/24/2023] Bansi La...