Saturday, 25 April 2020

इंसान कैद क्या हुएं......

इंसान कैद क्या हुएं......

धरती सांस लेने  लगीं हैं........

A true friend sees the first tear, catches the second, and stops the third.

बख़्श देगा वो,यह सोच के गुनाह करता गया 
उस चौखट पे हर जुर्म के बाद सर झुकता गया


Be happy with the little that you have. There are people with nothing that still manage to smile.

People come and go in your life, but the right ones will always stay.

दया और प्रेम भरे शब्द छोटे हो सकते हैं

लेकिन वास्तव में उनकी गूँज की कोई सीमा नहीं है


हदें सरहदों की होती हैं...
सोच की नहीं...

बातें नज़रों से भी होती हैं...
सिर्फ़ ज़ुबान से नहीं..

हमेशा समाधान का हिस्सा बनिये
समस्या का नही..................!

Strong people don't put others down, they lift them up.

ये जो ज़िंदगी की किताब है ये किताब भी क्या किताब है
कहीं इक हसीन सा ख़्वाब है कहीं जान-लेवा अज़ाब है
~ राजेश रेड्डी

“If you want to reach a state of bliss, then go beyond your ego and the internal dialogue. Make a decision to relinquish the need to control, the need to be approved, and the need to judge. Those are the three things the ego is doing all the time. It's very important to be aware of them every time they come up....

वाक़िये तो अनगिनत हैं मेरी ज़िंदग़ी के

 दया और प्रेम भरे शब्द छोटे हो सकते हैं

लेकिन वास्तव में उनकी गूँज की कोई सीमा नहीं है
 Humble on the outside, confident on the inside.

हदें सरहदों की होती हैं...
सोच की नहीं...

बातें नज़रों से भी होती हैं...
सिर्फ़ ज़ुबान से नहीं..


वाक़िये तो अनगिनत हैं मेरी ज़िंदग़ी के 

सोच रही हूं किताब लिखूं या हिसाब लिखूं।

किताबें भी बिल्कुल मेरी तरह हैं
अल्फ़ाज़ से भरपूर मगर ख़ामोश

कौन से रिशतों मे तकलीफे नहीं होती,

उसनें जरा सा सहा भी नहीं....!

ज़ाहिर न होने देना, ये बात जहां भर में,
मैं तुमसे खफ़ा हूं, ये आपस की बात हैं


बस एक शाम का हर शाम इंतज़ार रहा

मगर वो शाम किसी शाम भी नही आई।

ऐसा नही था की तुम्हारे सवालो के जवाब मेरे पास नही होते थे... 
पर 
तुमसे हार जाना मुझे बेहद पसंद था

इंसान कैद क्या हुएं......

 इंसान कैद क्या हुएं......

धरती सांस लेने  लगीं हैं........

A true friend sees the first tear, catches the second, and stops the third.

वक्त ने बदल दी,
तेरे मेरे रिश्ते की परिभाषा..
पहले दोस्ती, फिर अपनापन 
और अब.......

अजनबी सा अहसास......... !!

बख़्श देगा वो,यह सोच के गुनाह करता गया 
उस चौखट पे हर जुर्म के बाद सर झुकता गया

तू भी कभी महसूस कर क्या है बिखरने
की तड़प ….

एक रोज़ बाज़ी यूँ सजे, शीशा तेरा पत्थर मेरा ..!!

Wednesday, 15 April 2020

कुछ जुदा सा है मेरे महबूब का अंदाज,


कुछ जुदा सा है मेरे महबूब का अंदाज,
नजर भी मुझ पर है और नफरत भी मुझसे ही !

कितनी आसानी से मशहूर किया है ख़ुद को
मैं ने अपने से बड़े शख़्स को गाली दे कर
~ ज़फ़र गोरखपुरी

हालात-ए-हाज़िरा पर ताज्जुब है गर, तो यही है 

वो हर एक बात पर कहना उसका कि सब सही है

"निकले है वो लोग मेरी शख़्सियत बिगाड़ने,

 किरदार जिनके खुद मरम्मत माँग रहे है"!!!

ये अलग बात के खामोश खड़े रहते हैं,
फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं.

पाँव रखने पर भी चीख उठते हैं...
खुश्क पत्तों में भी कितनी अना होती है!!

“रौशनी है अगर तो किसी के होने से है

“रौशनी है अगर तो किसी के होने से है 

 वरना बुनियाद तो अँधेरा ही था....!!”
 खामोशी से जब तुम भर जाओगे

थोड़ा चीख लेना वरना मर जाओगे

""खबर नही थी तुझे........

कि...तेरी सब खबर थी मुझें"......

कोई देख न सका उसकी बेबसी, 
जो बेच रहा है साँसें, गुब्बारे में डालकर..!!

अपने अहम को

अपने अहम को 
थोड़ा झुका कर तो देखो 

सब अपने लगेगें 
थोड़ा मुस्कुरा कर तो देखो......

एक वो है जो समझता नही, 

और यहाँ जमाना मेरी कलम पढ़ कर दीवाना हुआ जा रहा है

लिख देने से नहीं...

तुम्हारे पढ़ लेने से मुकम्मल हैं
लफ्ज मेरे...

शर्त थी रिश्तों को बचाने की,

“और” यही वजह थी मेरे हार जाने की…

कुछ रिश्तो मे नजदीकी तो होती है....
लेकिन....

.‘वो’ ...........फ़ासले कभी खतम नही होते !

जुस्तुजू जिस की थी उस को तो न पाया हम ने


जुस्तुजू जिस की थी उस को तो न पाया हम ने 
इस बहाने से मगर देख ली दुनिया हम ने 
★★★
शहरयार

ये ग़म नहीं है कि हम दोनों एक हो न सके,

ये रंज है कि कोई दरमियान में भी न था...

कभी  छू  भी  तू  मुझको........!

हम  भी  होने  का  गुमान  करें.....!!

उम्र नहीं थी इश्क़ करने की, 

बस एक चेहरा देखा और जवां हो गए!!

डर हमको भी लगता है रस्ते के सन्नाटे से लेकिन एक सफ़र पर ऐ दिल अब जाना तो होगा

 [8:11 AM, 8/24/2023] Bansi Lal: डर हमको भी लगता है रस्ते के सन्नाटे से लेकिन एक सफ़र पर ऐ दिल अब जाना तो होगा [8:22 AM, 8/24/2023] Bansi La...