Sunday, 15 April 2018

Love:

ये मोहब्बत का फ़साना भी बदल जाएगा

वक़्त के साथ ज़माना भी बदल जाएगा
🌸🌹🌸
वो चाँद है तो अक्स भी पानी में आएगा

किरदार ख़ुद उभर के कहानी में आएगा
🌸🌹🌸
सँभल तो जाते , राह की दुशवारियों से
दिल के पचड़ों ने मगर , सँभलने ना दिया
🌸🌹🌸
तुझे बेहतर बनाने की कोशिश में
तुझे ही वक़्त नहीं दे पा रहे हम,

माफ़ करना ऐ ज़िंदगी
तुझे ही नहीं जी पा रहे हम।
🌸🌹🌸

खिड़कियाँ खोल लूँ हर शाम यूँही सोचों की

फिर उसी राह से यादों को गुज़रता देखूँ
🌹🌸🌹
शहर-ए-दिल के हर रस्ते पर दीप जलाए बैठा हूँ

उन की यादों का ये लश्कर मेरे घर पर उतरेगा
🌸🌹🌸
उजाला दे चराग़-ए-रह-गुज़र आसाँ नहीं होता
हमेशा हो सितारा हम-सफ़र आसाँ नहीं होता

बड़े ताबाँ बड़े रौशन सितारे टूट जाते हैं
सहर की राह तकना ता-सहर आसाँ नहीं होता
🍃🌹🍃
नई सुब्ह पर नज़र है मगर आह ये भी डर है

ये सहर भी रफ़्ता रफ़्ता कहीं शाम तक न पहुँचे
🌹🍃🌹
बादशाह थे हम अपने
मिज़ाज़ के,

कमबख्त इश्क ने तेरे दीदार
का फ़कीर बना दिया...
🌸🍃🌸
उनकी तस्वीर टांगने के लिए

रोज़ दिवार देखते हैं हम
🌹🍃🌹
कल शायद फिर सितारों  से लड़ा था,

नशे में धुत्त चाँद, समंदर  में पड़ा  था..!!
🌹🌸🌹

Socialism :

थोड़ा गम्भीर होकर चिंतन करें।

एक स्थानीय कॉलेज में अर्थशास्त्र के एक प्रोफेसर ने अपने एक बयान में कहा –

“उसने पहले कभी किसी छात्र को फेल नहीं किया, पर हाल ही में उसने एक पूरी की पूरी क्लास को फेल कर दिया है l”

क्योंकि उस क्लास ने दृढ़ता पूर्वक यह कहा था कि “समाजवाद सफल होगा और न कोई गरीब होगा और न कोई धनी होगा” सबको सामान करने वाला एक महान सिद्धांत !

तब प्रोफेसर ने कहा – अच्छा ठीक है ! आओ हम क्लास में समाजवाद के अनुरूप एक प्रयोग करते हैं  “सफलता पाने वाले सभी छात्रों के विभिन्न ग्रेड का औसत निकाला जाएगा और सबको वही एक ग्रेड दी जायेगी ”

पहली परीक्षा के बाद, सभी ग्रेडों का औसत निकाला गया और प्रत्येक छात्र को B ग्रेड प्राप्त हुआl

जिन छात्रों ने कठिन परिश्रम किया था वे परेशान हो गए और जिन्होनें कम ही पढ़ाई की थी वे खुश हुए l

दूसरी परीक्षा के लिए कम पढ़ने वाले छात्रों ने पहले से भी और कम पढ़ाई की और जिहोनें कठिन परिश्रम किया था उन्होंने यह तय किया कि वे भी मुफ्त की ग्रेड प्राप्त करेंगे और उन्होंने भी कम पढ़ाई की l

दूसरी परीक्षा की ग्रेड D थी l

इसलिए कोई खुश नहीं था l

जब तीसरी परीक्षा हुई तो ग्रेड F हो गई l

जैसे-जैसे परीक्षाएँ आगे बढ़ने लगीं स्कोर कभी ऊपर नहीं उठा, बल्कि आपसी कलह, आरोप-प्रत्यारोप, गाली-गलौज और एक-दूसरे से नाराजगी के परिणाम स्वरूप कोई भी नहीं पढ़ता था क्योंकि कोई भी छात्र अंपने परिश्रम से दूसरे को लाभ नहीं पहुंचाना चाहता था l

अंत में सभी आश्चर्यजनक रूप से फेल हो गए और प्रोफेसर ने उन्हें बताया कि इसी तरह “समाजवाद” भी अंततोगत्वा फेल हो जाएगा क्योंकि ईनाम जब बहुत बड़ा होता है तो सफल होने के लिए किया जाने वाला उद्यम भी बहुत बड़ा होगा l परन्तु जब सरकार सारे अवार्ड छीन लेगी तो कोई भी न तो सफल होना चाहेगा और न ही सफल होने की कोशिश करेगा l

निम्नलिखित पाँच सर्वश्रेष्ठ उक्तियाँ इस प्रयोग पर लागू होती हैं l

1. आप समृद्ध व्यक्ति को उसकी समृद्धि से बेदखल करके गरीब को समृद्ध बनाने का क़ानून नहीं बना सकते l

2. जो व्यक्ति बिना कार्य किए कुछ प्राप्त करता है, अवश्य ही परिश्रम करने वाले किसी अन्य व्यक्ति के ईनाम को छीन कर उसे दिया जाता है l

3. सरकार तब तक किसी को कोई वस्तु नहीं दे सकती जब तक वह उस वस्तु को किसी अन्य से छीन न ले l

4. आप सम्पदा को बाँट कर उसकी वृद्धि नहीं कर सकते l

5. जब किसी राष्ट्र की आधी आबादी यह समझ लेती है कि उसे कोई काम नहीं करना है, क्योंकि बाकी आधी आबादी उसकी देख-भाल जो कर रही है और बाकी आधी आबादी यह सोच कर कुछ अच्छा कार्य नहीं कर रही कि उसके कर्म का फल किसी दूसरे को मिल रहा है,

तो वहीँ उस राष्ट्र के अंत की शुरुआत हो जाती है।

Saturday, 14 April 2018

Samunder:

मैं ले रहा हूँ जाएज़ा हर एक लहर का

क्या जाने कब ये मुझ को समुंदर पुकार ले
🌹🍃🌹
मैंने आग़ाज़ से अंजाम-ऐ-सफ़र जाना है,

सब को दो चार क़दम चल के ठहर जाना है
🌹🍃🌹
उन्हें भी जीने के कुछ तजरबे हुए होंगे

जो कह रहे हैं कि मर जाना चाहते हैं हम
🍃🌹🍃
कैसे दुनिया का जाएज़ा किया जाए

ध्यान तुझ से अगर हटा लिया जाए
🌹🌸🌹

Karan:

महाभारत के युद्ध में अर्जुन और कर्ण के बीच घमासान चल रहा था । अर्जुन का तीर लगने पे कर्ण का रथ 25-30 हाथ पीछे खिसक जाता , और कर्ण के तीर से अर्जुन का रथ सिर्फ 2-3 हाथ ।
लेकिन श्री कृष्ण थे की कर्ण के वार की तारीफ़ किये जाते, अर्जुन की तारीफ़ में कुछ ना कहते ।
अर्जुन बड़ा व्यथित हुआ, पूछा , हे पार्थ आप मेरी शक्तिशाली प्रहारों की बजाय उसके कमजोर प्रहारों की तारीफ़ कर रहे हैं, ऐसा क्या कौशल है उसमे ।
श्री कृष्ण मुस्कुराये और बोले, तुम्हारे रथ की रक्षा के लिए ध्वज पे हनुमान जी, पहियों पे शेषनाग और सारथि रूप में खुद नारायण हैं । उसके बावजूद उसके प्रहार से अगर ये रथ एक हाथ भी खिसकता है तो उसके पराक्रम की तारीफ़ तो बनती है ।
कहते हैं युद्ध समाप्त होने के बाद श्री कृष्ण ने अर्जुन को पहले उतरने को कहा और बाद में स्वयं उतरे। जैसे ही श्री कृष्ण रथ से उतरे , रथ स्वतः ही भस्म हो गया । वो तो कर्ण के प्रहार से कबका भस्म हो चूका था, पर नारायण बिराजे थे इसलिए चलता रहा । ये देख अर्जुन का सारा घमंड चूर चूर हो गया ।
कभी जीवन में सफलता मिले तो घमंड मत करना, कर्म तुम्हारे हैं पर आशीष ऊपर वाले का है । और किसी को परिस्थितिवष कमजोर मत आंकना, हो सकता है उसके बुरे समय में भी वो जो कर रहा हो वो आपकी क्षमता के भी बाहर हो ।

लोगों का आंकलन नहीं, मदद करो

यह प्रसंग दिल को छू गया सोचा आप लोगों से सांझा कर लूँ।

Tuesday, 10 April 2018

wafa:

 हम ने बे-इंतिहा वफ़ा कर के,

बे-वफ़ाओं से इंतिक़ाम लिया !!
🍂🍃🍂
ये मत समझो जो रोता है
वही बीमार होता है....

ये हँसना भी मुसलसल
दर्द का इज़हार होता है
🍂🍃🍂
 क़ुर्बतें  होते  हुए  भी  फ़ासलों  में  क़ैद  हैं,

कितनी आज़ादी से हम अपनी हदों में क़ैद हैं।
🍂🍃🍂
कौन है
    जिसके पास
        कमी नही है,

आसमाँ के
    पास भी
        जमीं नही है!
🍂🍃🍂
सदा एक ही रुख़ नहीं नाव चलती

चलो तुम उधर को हवा हो जिधर की
🍂🍃🍂
उधार की ज़िन्दगी जीतें हैं...
तेर प्यार की किश्तें अब भी बाकी हैं..

 सब से हटकर ही मनाना है उसे
हम से एक बार वो रूठे तो सही


फक़त पास बैठना चाहता है
अजब दिल की तश्नगी है

Monday, 9 April 2018

Aansu:

रोज़ अच्छे नहीं लगते आँसू ,

ख़ास मौक़ों पे मज़ा देते हैं |

🍂🍃🍂
किसी को अपने अमल का हिसाब क्या देते

सवाल सारे ग़लत थे जवाब क्या देते
🍂🍃🍂
जीत तेरा ही मुक़द्दर थी सो तू जीत गया

वर्ना हारे हुए लश्कर में सिकंदर थे बहुत
🍂🍃🍂
जो तूफ़ानों में पलते जा रहे हैं

वही दुनिया बदलते जा रहे हैं
🍂🍃🍂
अभी तलक तो न कुंदन हुए न राख हुए,

हम अपनी आग में हर रोज़ जल के देखते हैं
🍂🍃🍂

Saturday, 7 April 2018

Happy :

Being happy doesn't mean that everything is perfect. It means that you've decided to look beyond the imperfections.

कह दूँगा साफ़ हश्र में पूछेगा गर ख़ुदा

लाखों गुनह किए तिरी रहमत के ज़ोर पर
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हाँ उन्हीं लोगों से दुनिया में शिकायत है हमें

हाँ वही लोग जो अक्सर हमें याद आए हैं ....
🍃🍂🍃
ये सारा जिस्म झुक कर बोझ से दोहरा हुआ होगा

मैं सज्दे में नहीं था आप को धोका हुआ होगा
🍃🍂🍃
आज भी नाम वही है अपना

क्या हुआ नाम कमा लेने से
🍃🍂🍃
आज भी बुरी क्या है, कल भी ये बुरी क्या थी

इस का नाम दुनिया है, ये बदलती रहती है
🍂🍃🍂
लफ़्ज़ों के बोझ से थक जाती है ज़ुबान कभी कभी,

ना जाने ख़ामोशी मजबूरी है या समझदारी...
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डर हमको भी लगता है रस्ते के सन्नाटे से लेकिन एक सफ़र पर ऐ दिल अब जाना तो होगा

 [8:11 AM, 8/24/2023] Bansi Lal: डर हमको भी लगता है रस्ते के सन्नाटे से लेकिन एक सफ़र पर ऐ दिल अब जाना तो होगा [8:22 AM, 8/24/2023] Bansi La...