Tuesday, 24 January 2017

You want you get:

ये भूल है उसकी के आगाज़ -ए -गुफ़्तगू हम करेंगे ..
हम तो खुद से रूठ जाए तो सदियों ख़ामोश रहते हैं

You want & you get ... That's Luck ... You want & you wait ... That's Time .... You want but you compromise ... That's Life ... & finally ... You want, You wait & You do not compromise .... That's SUCCESS !!!!!

काफिले रेत हुए दश्त-ए-जुनूं में कितने |
फिर भी आवारा मिजाजों का सफर जारी है ||

दुआ करो कि ये पौधा सदा हरा ही लगे.....
उदासियों से भी चेहरा खिला-खिला ही लगे......

"चरित्र को बनाए रखना आसान है, उसके भ्रष्ट हो जाने के बाद उसे सुधारना कठिन है।"

जिंदगी की हक़ीक़त:

👉एक बार एक संत ने अपने दो
     भक्तों को बुलाया और कहा आप
     को यहाँ से पचास कोस जाना है।
👉एक भक्त को एक बोरी खाने के
     समान से भर कर दी और कहा जो
     लायक मिले उसे देते जाना
👉और एक को ख़ाली बोरी दी उससे
      कहा रास्ते मे जो उसे अच्छा मिले
      उसे बोरी मे भर कर ले जाए।
👉दोनो निकल पड़े जिसके कंधे पर
     समान था वो धीरे चल पा रहा था
👉ख़ाली बोरी वाला भक्त आराम से
      जा रहा था
👉थोड़ी दूर उसको एक सोने की ईंट
     मिली उसने उसे बोरी मे डाल
     लिया
👉थोड़ी दूर चला फिर ईंट मिली उसे
     भी उठा लिया
👉जैसे जैसे चलता गया उसे सोना
     मिलता गया और वो बोरी मे भरता
     हुआ चल रहा था
👉और बोरी का वज़न। बड़ता गया
      उसका चलना मुश्किल होता गया
     और साँस भी चढ़ने लग गई
👉एक एक क़दम मुश्किल होता
     गया ।
👉दूसरा भक्त जैसे जैसे चलता गया
     रास्ते मै जो भी मिलता उसको
     बोरी मे से खाने का कुछ समान
     देता गया धीरे धीरे बोरी का वज़न
     कम होता गया
👉और उसका चलना आसान होता
     गया।
👉जो बाँटता गया उसका मंज़िल
     तक पहुँचना आसान होता गया
👉जो ईकठा करता रहा वो रास्ते मे
     ही दम तोड़ गया
👉दिल से सोचना हमने जीवन मे
     क्या बाँटा और क्या इकट्ठा किया
     हम मंज़िल तक कैसे पहुँच पाएँगे।

👉जिन्दगी का कडवा सच...👈
👉आप को 60 साल की उम्र के बाद
     कोई यह नहीं पूछेंगा कि आप का
     बैंक बैलेन्स कितना है या आप के
     पास कितनी गाड़ियाँ हैं....?

👉दो ही प्रश्न पूछे जाएंगे ...👈
     1-आप का स्वास्थ्य कैसा है.....?
         और
     2-आप के बच्चे क्या करते हैं....?

Monday, 23 January 2017

You start Dying Slowly:

नोबेल पुरस्कार विजेता स्पेनिश कवि पाब्लो नेरुदा की कविता 
*"You  Start  Dying  Slowly"*

1) आप धीरे-धीरे मरने लगते हैं, अगर आप :
- करते नहीं कोई यात्रा,
- पढ़ते नहीं कोई किताब,
- सुनते नहीं जीवन की ध्वनियाँ,
- करते नहीं किसी की तारीफ़।

2) आप धीरे-धीरे मरने लगते हैं, जब आप :
- मार डालते हैं अपना स्वाभिमान,
- नहीं करने देते मदद अपनी और न ही करते हैं मदद दूसरों की।

3) आप धीरे-धीरे मरने लगते हैं, अगर आप :
- बन जाते हैं गुलाम अपनी आदतों के,
- चलते हैं रोज़ उन्हीं रोज़ वाले रास्तों पे,
- नहीं बदलते हैं अपना दैनिक नियम व्यवहार,
- नहीं पहनते हैं अलग-अलग रंग, या
- आप नहीं बात करते उनसे जो हैं अजनबी अनजान।

4) आप धीरे-धीरे मरने लगते हैं, अगर आप :
- नहीं महसूस करना चाहते आवेगों को, और उनसे जुड़ी अशांत भावनाओं को, वे जिनसे नम होती हों आपकी आँखें, और करती हों तेज़ आपकी धड़कनों को।

5) आप धीरे-धीरे मरने लगते हैं, अगर आप :
- नहीं बदल सकते हों अपनी ज़िन्दगी को, जब हों आप असंतुष्ट अपने काम और परिणाम से,
- अग़र आप अनिश्चित के लिए नहीं छोड़ सकते हों निश्चित को,
- अगर आप नहीं करते हों पीछा किसी स्वप्न का,
- अगर आप नहीं देते हों इजाज़त खुद को, अपने जीवन में कम से कम एक बार, किसी समझदार सलाह से दूर भाग जाने की...।
*तब आप धीरे-धीरे मरने लगते हैं...!!!*

बुरी नज़र से न देख:

बुरी नजर से ना देख मुझे यूँ देखने वाले...!!
मैं लाख बुरा सही तू अपना नजरिया खऱाब न कर...!!

दर्द तो अकेले ही सहते हैं सभी,
भीड़ तो बस फ़र्ज़ अदा करती है!

बेवकूफों का भी तू कर शुक्रिया
उन्ही में तू अकलमंद लगता है

जिन्दगी जब देती है तो, एहसान नहीं करती....
और जब लेती है तो, लिहाज नहीं करती....

थक गया दर्द भी अपनी अदाकारी करते-करते..
ऐ खुशी कभी तू भी अपना किरदार निभा दे!!

"किसी को राय देने की तुलना में किसी अच्छी राय से फ़ायदा उठाने के लिये अधिक बुद्धिमत्ता की आवश्यकता होती है।"

तू छोड़ रहा है तो ख़ता इस में तेरी क्या
हर शख़्स मेरा साथ निभा भी नहीं सकता
~वसीम बरेलवी

बड़े लोगों से मिलने में हमेशा फ़ासला रखना
जहाँ दरिया समुंदर से मिला दरिया नहीं रहता
~बशीर बद्र

*व्यायाम करना ,शराब न पीना,* *शाकाहारी होना आपकी उम्र में कुछ और साल तो जोड़ सकता है*

  *पर ध्यान रहे ये साल आपके*
*बुढ़ापे के जुड़ेंगे ना की जवानी के।*

"चिंगारी का खौफ न दो हमें,
दिल में आग का दरिया बसाये बैठे हैं......

सांसों का रुकना तो आम बात है ...
जब अपने ही बदल जाएँ "मौत" तो उसे कहते हैं ...!!

ख्वाहिशों का काफिला भी अजीब है ....
कमबख्त गुजरता वही से है जहाँ रास्ते नहीं होते ..!!

आस पास तेरा एहसास अब भी लिये बैठें हैं;
तू ही नज़र अंदाज़ करे तो हम शिकवा किससे करें!

सैट बार गिरें तो आठ वॉर उठें:

"यदि आप सात बार गिरते हैं, तो आठ बार खड़ें हों!"

खंडरों में पत्थरों की नमी सा तेरा नाम ..
आसमान में ठहरी ज़मीं सा तेरा नाम..

बिखरने दो होठों पर हँसी की फुहारों को,
प्यार से बात कर लेने से कोई दौलत कम नहीं होती !!!

मुझे सिर्फ़ तुझ पर ऐतबार रहा मालिक़,
तक़दीर के भरोसे वक़्त को बदलते हुए नहीं देख़ा मैनें!

कोई कैसा भी रिश्ता हो नमी बेहद ज़रूरी है
ज़मीं सूखी रहेगी तब तो पौधा सूख जाता है!

वो हमारा   है   ,हमारे नाम से मंसूब है
उसके बारे में ये खुशफहमी है लेकिन खूब है

ये रात तुम्हारी है चमकते रहो तारो
वो आएँ न आएँ मगर उम्मीद न हारो

Sunday, 22 January 2017

प्यार क्या है:

प्यार क्या है ?

एक छोटी लड़की पूरी लगन से पिताजी के सिर की मालिश करती है और उन्हें अपनत्व का अहसास होता है !!

यह प्यार है ,

एक पत्नी पति के लिए चाय बनाती है और उससे पहले एक घूंट पी लेती है ताकि पति को चाय का taste अच्छा लगे !!

यह प्यार है …

एक माँ अपने बेटे को केक का सबसे अच्छा टुकड़ा देती है.

यह प्यार है ….

एक दोस्त अपने दोस्त को फिसलन पे सड़क पर कस कर उसका हाथ पकड़ता है. ताकि वह गिरने से बच जाये !!

यह प्यार है ….

एक भाई अपनी बहन को msg भेजता है और पूछता है की ” वह घर पहुची की नहीं ????

प्यार सिर्फ एक लड़का एक लड़की का हाथ पकड़ कर पूरा शहर घुमाता है इसी का नाम नही !!

प्यार तो आप अपने दोस्त को एक छोटा सा msg भेजते है सिर्फ इसलिए की उसे पढ़ कर उसके चेहरे पे छोटी सी एक मुस्कान आये !!

दोस्तों प्यार तो वास्तव में एक दुसरे की देखभाल करने का नाम है !!

Saturday, 21 January 2017

बुरी नज़र से न मुझे देख:

*"जिसके लिये पूरी दुनिया कम पड़ती थी उसके लिये एक समाधि भी अब पर्याप्त है।"*
*:सिकन्दर महान के लिए समाधिलेख*

"हम को पाला था जिस पेड़ ने उसके पत्ते ही दुश्मन हुए,
कह रही है डालियाँ, आशियां बदल दीजिए!!"

जो हसंता है वो खुदा की इबबादत करता है,
जो दूसरों को हँसाते है, खुदा उनकी इबबादत करता हैं।

तेरी मोहब्बत की तलब थी इस लिए हाथ फैला दिए
वरना हमने तो कभी अपनी ज़िंदगी की दुआ भी नही माँगी।

प्यार इतना ही रखो की दिल सम्भल जाये..
अब इस कदर भी ना चाहो की दम निकल जाये..

बुरी नजर से ना देख मुझे यूँ देखने वाले...!!
मैं लाख बुरा सही तू अपना नजरिया खऱाब न कर...!!

डर हमको भी लगता है रस्ते के सन्नाटे से लेकिन एक सफ़र पर ऐ दिल अब जाना तो होगा

 [8:11 AM, 8/24/2023] Bansi Lal: डर हमको भी लगता है रस्ते के सन्नाटे से लेकिन एक सफ़र पर ऐ दिल अब जाना तो होगा [8:22 AM, 8/24/2023] Bansi La...